भाजपा को नांदेड़करों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं, लोगों को नसीब नहीं हो रहा पीने का पानी : कांग्रेस…

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15 हजार किसानों की आत्महत्या का जवाब दे सरकार, भाजपा कर रही सेना के नाम पर वोट मांगने की राजनीति
भाजपा को नांदेड़करों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं
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15 हजार किसानों की आत्महत्या का जवाब दे सरकार, भाजपा कर रही सेना के नाम पर वोट मांगने की राजनीति

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. भाजपा को नांदेड़ में मेरे खिलाफ  एक योग्य उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए उन्हें किराए पर उम्मीदवार लेने पड़े। इसलिए सीएम देवेंद्र फडणवीस नांदेड़करों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। नांदेड़ को विकास किसने किया, यह नांदेड़ की जनता भलीभांति जानती है। नंदेड़ की महापालिका के चुनाव में बेहतर जीत मिली थी और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, जिसे लोकसभा चुनावों में भी इसे दोहराया जाएगा। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में ज्वलंत मुद्दों के इतर भाजपा सेना के नौजवानों के नाम पर वोट मांगने की राजनीति कर रही है। पिछले पांच वर्षों में राज्य में जहां 15 हजार किसानों ने आत्महत्या की, वहीं पूरा राज्य सूखे की चपेट से जूझ रहा है। सरकार की जलयुक्त शिवार योजना भी विफल रही। भाजपा सरकार में राज्य में चार हजार से अधिक टैंकर हैं, लेकिन लोगों को पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। 

चव्हाण ने उठाए मुख्यमंत्री पर सवाल…

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को वित्तीय सहायता देने में असमर्थ रही भाजपा सरकार लोगों के लिए रोजगार तक उपलब्ध नहीं करा सकी। वहीं जानवरों के लिए सरकार चारा तक नहीं दे पा रही है। राज्य की इन परिस्थितियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री को शर्म तक नहीं आ रही है। ऐसे सवाल उठाते हुए चव्हाण ने कहा कि अधिकतर घोषणाएं खत्म हो गई हैं। सरकार की घोषणा के दो साल बाद भी अभी तक किसानों की कर्ज माफी तक नहीं हुई है। वहीं किसानों के उत्पादन खर्च को लेकर डेढ़ दशक की गांरटी योजना के लिए पीएम मोदी की पांच वर्ष पूर्व की घोषणा पर भी कोई कदम नहीं उठाए गए। वहीं मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए चव्हाण ने कहा कि मेक इन इंडिया, मेक इन महाराष्ट्र, स्टार्ट अप इंडिया, मैग्नेटी महाराष्ट्र, मुद्रा योजना जैसी अनेक योजनाओं के बाद भी देश में बेरोजगारी कम क्यों नहीं हुई? पंद्रह लाख का क्या हुआ? देश भर में कितनी स्मार्ट सिटी निर्मित हुईं? हर साल दो करोड़ नौकरियों के वायदे का क्या हुआ? 

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