भारत में प्रति घंटे 4 महिलाएं होती हैं रेप का शिकार, ग्लोबल एक्सपट्र्स के सर्वे से आंकड़े आए सामने…

0
154
3 वर्ष का सश्रम कारावास और हजारों का जुर्माना
नाबालिग छेड़छाड़ और बलात्कार : कोर्ट ने सुनाई सजा
Share

अफगानिस्तान और सीरिया के बाद चौथे व पांचवें स्थान पर हैं सोमालिया और साऊदी अरब

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. ग्लोबल एक्सपट्र्स ने एक पोल कराया है, जिसमें भारत को शर्मिंदा करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पोल में ये बात सामने आई है कि भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा करना ज्यादा आसान है, वहीं भारत में उन्हें गुलामों जैसे कामों में झोंकना भी आसान है। इस सर्वे में भारत के बाद अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देशों का नाम है। सर्वे में 550 एक्सपट्र्स शामिल थे। सोमालिया और साऊदी अरब महिलाओं के लिए असुरक्षित देशों के मामले में चौथे और पांचवें नंबर पर हैं। भारत के इस लिस्ट में पहले नंबर पर होने के अलावा एक दंग करने वाली बात ये भी है कि इस लिस्ट में अमेरिका तीसरे नंबर पर है। महिलाओं के साथ यौन हिंसा या उन्हें सेक्स के लिए मजबूर किए जाने के मामले में अमेरिका सयुंक्त रूप से तीसरे नंबर पर है। साल 2011 में ऐसा ही एक सर्वे कराया गया था। उस सर्वे में अफगानिस्तान, कॉन्गो, पाकिस्तान, भारत और सोमालिया जैसे देशों को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक करार दिया गया था। इस सर्वे के बाद एक्सपट्र्स का कहना है कि साल 2012 के निर्भया गैंगरेप के मामले के बाद से भारत में महिला सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

महिला बाल विकास मंत्रालय ने साधी चुप्पी

भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2007 से 2016 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 83त्न की वृद्धी हुई है और हर घंटे चार महिलाओं के साथे रेप होता है। सर्वे में शामिल लोगों से यूएन के 193 सदस्य देशों में कौना सा देश महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित है, कहां उनके लिए हेल्थ से जुड़ी सुविधाएं सबसे खराब हैं, कहां उनके लिए आर्थिक हालात सबसे खराब हैं, कहां उनके खिलाफ  सांस्कृतिक भेदभाव होता है, कहां यौन हिंसा सबसे ज्यादा है और कहां बिना सहमति के सबसे ज्यादा सेक्स होता है, जैसे सवाल पूछे गए थे। जवाब देने वालों ने भारत को मानव तस्करी, सेक्स गुलामी, घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या, जबरदस्ती शादी, घरों में काम काज करने वाली महिलाओं के लिहाज से भी सबसे खराब देश बताया है। महिला बाल विकास मंत्रालय ने इस सर्वे के नतीजों पर किसी तरह का बयान देने से साफ  इंकार कर दिया है।

Share