आचार संहिता के चलते रुका ओएसडी का निलंबन, पर्यटन मंत्री रावल पर भी उठ सकते हैं सवाल…

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प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद भी सक्रिय थे राठौड़, पूर्व सचिव गौतम
आचार संहिता के चलते रुका ओएसडी का निलंबन
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प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद भी सक्रिय थे राठौड़, पूर्व सचिव गौतम

 – NDI24 नेटवर्क

मुंबई. कोंकण के प्रस्तावित बड़े और फाइव स्टार होटल को लेकर जनसेवक को शोभा न देने वाले काम के सिलसिले में निलंबन प्रस्ताव को झेल रहे पर्यटन मंडल के महा व्यवस्थापक संचालक व ओएसडी आशुतोष राठौड़ को दिए जाने वाली मुद्दत वृद्धि पर आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही निर्णय लिया जाने वाला है। तब तक उन्हें पर्यटन मंडल में ही रहने की अनुमति दी गई है। उसी समय उन्हें किसी भी प्रकार के महत्व के निर्णय प्रक्रिया में सहभागी न होने का भी आदेश दिया गया है। बड़े फाइव स्टार होटलों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के कारण राठौड़ को जहां तुरंत निलंबित करने की मांग हो रही है, वहीं यह आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रधान सचिव प्रवीण परदेशी ने ही दिए। इस प्रस्ताव पर निर्णय न लेते हुए उन्हें मुद्दत वृद्धि देने के बारे में पर्यटन मंत्री राजकुमार रावल ने परस्पर निर्णय ले लिया और वह पत्र राठौड़ ने महामंडल को दिया, लेकिन यह पत्र सचिव के पास पहुंचा ही नहीं। इसलिए इस पत्र को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 28 मार्च को प्रतिनियुक्त की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी राठौड़ सक्रिय थे। उन्हें कार्यालय में हाजिर रहने की सूचना प्रधान सचिव विनीता सिंघल ने 3 अप्रैल को एक पत्र के माध्यम से दी थी, लेकिन उनको किसी भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सहभागी होने पर रोक लगी है।

सचिव ने भी की थी कार्यवाही की मांग…

उल्लेखनीय है कि मुंबई विद्यापीठ के उप कुलसचिव रहे अधिकारी का पर्यटन विभाग से क्या लेना देना यह सवाल भी किया जा रहा है। पिछले 3 साल की अवधि में पर्यटन महामंडल में हुए मामलों की जांच करने के बजाय एक अधिकारी की मुद्दत वृद्धि (समय सीमा) बढ़ाने के मुद्दे पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। इससे पहले तीनों व्यवस्थापकीय संचालकों ने राठौड़ के निलंबन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस पर निर्णय नहीं हुआ। इसके पहले के सचिव विजय गौतम ने राठौर के ऊपर फौजदारी की कार्यवाही करने की भी मांग की थी।

कार्यालय में रहना होगा हाजिर…

राठौड़ की फिलहाल के लिए समय सीमा बढ़ाई गई है। उनके इस आवेदन के बारे में प्रस्ताव तैयार करके उसे सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा और सीएम को भी कहा जाएगा, लेकिन इस पर आचार संहिता के बाद निर्णय होगा। तब तक उन्हें कार्यालय में हाजिर रहना होगा।- विनीता सिंघल, प्रधान सचिव, पर्यटन विभाग

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