29 सितंबर यानी ‘Surgical Day’ को लेकर शिवसेना ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में निकाली भड़ास…

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सर्जिकल स्ट्राइक दुश्मन को अचानक धक्का देने लिए होता है : शिवसेना

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. देश भर में जहां 29 सितंबर को ‘सर्जिकल डे’ मनाने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हैं, वहीं राज्य समेत केंद्र सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने एक बार फिर से बीजेपी पर हमला बोला है। शिवसेना ने आज अपने मुखपत्र सामना में सेनाप्रमुख विपिन रावत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव का माहौल तैयार करने के लिए 5-25 सर्जिकल स्ट्राइक या पाकिस्तान के साथ कोई छोटा-मोटा युद्ध ही क्यों नहीं किया जाएगा, अंतत उससे हमारे सैनिकों को ही नुकसान होगा। शिवसेना ने आगे कहा कि रक्षा मंत्री सीतारमन अभी भी बीजेपी प्रवक्ता की भूमिका से बाहर नहीं निकली हैं। ऐसा लगता है इन दिनों चर्चित राफेल घोटाले की वकालत करने में उनके व्यस्त होने की वजह से सेनाप्रमुख ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। शिवसेना के आगे कहा कि जहां एक तरफ जवानों की जान जा रही है, वहीं उनके परिवार बेसहारा हो रहे हैं, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक का झुनझुना बजाकर उस पर राजनीति हो रही है। यह जवानों का अपमान है। सर्जिकल स्ट्राइक दुश्मन को अचानक धक्का देने लिए होता है, लेकिन इस तरह के धक्के से पाकिस्तान का दिमाग ठिकाने आने से रहा।

जवानों के सम्मान का ये कैसा तरीका…

सामना के संपादकीय में कहा गया कि अयोध्या आंदोलन में कारसेवकों की शहादत से सरयू नदी लाल हो गई, लेकिन मंदिर आज तक निर्मित नहीं हो सका। ठीक उसी तरह अब कश्मीर और पाकिस्तान के बारे में राजनीति की जा रही। सर्जिकल स्ट्राइक से सवाल खत्म नहीं हुआ। इसलिए अगला कदम सख्त उठाना ही देश हित में रहेगा और उसके लिए अब 56 इंच के वीर की छाती का दर्शन जनता को होना चाहिए। 2 साल पहले हुई सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए हुई थी, लेकिन उसकी जीत के सहारे बीजेपी ने उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा। बीजेपी ने यूपी मेें फतेह हासिल की, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान ने क्या सबक लिया? ये सोचने वाली बात है। अब इस सर्जिकल स्ट्राइक के दिन शौर्य दिवस या विजय दिवस मनाओ, ऐसा आदेश विश्व विद्यालयों को दिया गया है। जवानों की वीरता का सम्मान करने का यह कैसा नया तरीका है।

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