भाजपा का सच्चाई आई सामने, पूनम महाजन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सावंत ने बताया डिफाल्टर…

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बैंकों को डुबाने में भाजपा भी हाथ है, डिफाल्टर लिस्ट में उजागर हुआ महाजन का नाम
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बैंकों को डुबाने में भाजपा भी हाथ है, डिफाल्टर लिस्ट में उजागर हुआ महाजन का नाम

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश भर में करीब ३६ खास लोगों ने बैंकों को चूना लगाने का काम किया है, जिनमें से कई तो भाजपा की क्षत्रछाया में पल-बढ़ रहे हैं। इसके लिए पीएम मोदी ने कड़े कानून का अश्वासन भी दिया था, लेकिन भाजपा आज इसमें खुद ही फंस चुकी है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव व मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा नेता पूनम महाजन में गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि इस डिफाल्टर लिस्ट में नीरव मोदी, विजय माल्या के साथ ही भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन का नाम भी उजागर हुआ है। आज देश के चुनाव में बेरोजगारी, किसान की आत्महत्या जैसे विषयों पर तो बात ही नहीं हो रही, जबकि बैंकिंग व्यवस्था डगमगा गई है और कई लोग उद्योगों का रुपया यानी जनता का पैसा डूबा कर भाग खड़े हुए हैं। इस प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय प्रोफेशनल कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष सुमेध गायकवाड़ व उत्तर मध्य मुंबई जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जियाउर रहमान वाहिदी खास तौर पर उपस्थित रहे, जबकि बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद थे।

महाजन डिफाल्टर कंपनी की रही हैं संचालक : कांग्रेस…

वहीं रिजर्व बैंक का हवाला देते हुए कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने चुनाव आयोग को झूठी जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने पास रुपए होकर भी रुपए न लौटाने को उसे विलफुल डिफाल्टर कहा जाता है। वहीं पूनम महाजन अपने पति के कंपनी के 11.40 करोड़ रुपयों डिफाल्टर हैं, जिसका जिक्र उन्होंने अपने प्रतिज्ञा पत्र में भी नहीं किया है। उनका सिबिल स्कोर 600 और पर्सनल स्कोर 570 है, जिसके चलते उन्हें एक रुपया भी लोन नहीं मिल सकता। महाजन पति-पत्नी पर इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के 60.65 करोड़ रुपयों की वसूली का दावा तक ठोका गया है। वहीं चुनाव आयोग से जांच की मांग करते हुए सावंत ने बताया कि पूनम महाजन की आय जहां 2009 में 12 करोड़ की, वहीं 2018 वे 2019 में कृमश: 108 और सिर्फ 2 करोड़ ही रह गई है, जो जांच का विषय है। इसके आलवा बैंकों ने इनका कितना कर्जा माफ  किया, यह जानकारी तक किसी को नहीं। वहीं फिनिक्स ऑटो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बारे में महाजन ने प्रतिज्ञापत्र में कोई जानकारी तक नहीं दी, जबकि कंपनी में पूनम महाजन के पति की 51 % भागीदारी है और 30 मार्च 2011 से 7 दिसंबर 2015 तक पूनम उसकी संचालक थीं।

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