लोकतंत्र बचाओ, राष्ट्र बचाओ, शरद पवार की अध्यक्षता में EVM को लेकर हमलावर हुआ विपक्ष…

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ईवीएम मशीन को रद्द और बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए एक मंच पर जुटा विपक्ष
लोकतंत्र बचाओ, राष्ट्र बचाओ
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ईवीएम मशीन को रद्द और बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए एक मंच पर जुटा विपक्ष

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। सरकार संस्थानों को देश से बाहर रखने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा सरकार पर हमलावर होते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व टीडीपी प्रमुख ने मंगलवार को चंद्रबाबू नायडू ने लोकतंत्र बचाओ, राष्ट्र बचाओ का नारा दिया और नायडू समेत देश भर के 23 राजनीतिक पार्टियों ने वीवीपीएटी में 50 प्रतिशत स्लिप की मांग की। नायडू ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ईवीएम मशीन को रद्द और बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि सभी बूथों में लगने वाली ईवीएम मशीन के वीवीपीएटी में स्लिप आना चाहिए, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को चुनाव आयोग ने नजरअंदाज करते हुए देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में सिर्फ 50 फीसदी मशीनों में वीवीपीएमटी स्लिप निकल रहे हैं। इस मौके पर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू, कांग्रेस नेता सुशीलकुमार शिंदे, सांसद संजय सिंह, महेंद्र सिंह, शांति चौहान, नजमुल हक, डॉ. जी.एच.फनार्डींस, कपिल पाटील, टीकेसी इलानगोवल, प्रकाश रेड्डी, प्रफुल्ल पटेल, नवाब मलिक, जितेंद्र आव्हाड समेत बड़ी संख्या में विपक्ष के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

चुनाव आयोग ने एससी का आदेश किया नजरअंदाज : चंद्रबाबू नायडू…

भाजपा कार्यकाल में लोकतंत्र में स्वतंत्र रूप से कार्यरत संस्था चुनाव आयोग भी आज स्वतंत्र नहीं है। मोदी सरकार के दौरान देश की अर्थ व्यवस्था रुक सी गई है, जबकि कृषि क्षेत्र में भी लोगों को काफी नुकसान हुआ है। लोगों के पास रोजगार नहीं है और महाराष्ट्र के किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। नायडू पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले छह महीने में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विपक्ष के नेताओं के खिलाफ बड़ी संख्या में आईटी और ईडी ने छापा मारा है। उन्होंने आगे कहा कि ईवीएम के खिलाफ 2013 में सर्वोच्च न्यायालय में तत्कालीन जनता पार्टी और मौजूदा भाजपा सासंद सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका दाखिल किया था, जिसकी सुनवाई करते हुए तत्कालीन सीजेआई ने पोलिंग बूथों पर वीवीपीएटी लगाने का निर्देश चुनाव आयोग को दिया था, जो अभी तक नहीं हुआ। उसके बाद 4 फरवरी 2018 को देश की 23 विपक्षी पार्टियों ने मिलकर ईवीएम और वीवीपीएटी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिला की गई, जिसकी सुनवाई करते हुए एससी ने 2019 में चुनाव आयोग को आदेश देते हुए कहा था कि चुनाव के दरम्यान वीवीपीएटी की बात कही थी, लेकिन चुनाव आयोग ने उस निर्देश को नजरअंदाज करते हुए सिर्फ 50 फीसदी वीवीपीएटी लगाया है।  

लोग मौजूदा सरकार को बदलने के मूड में हैं : शरद पवार…

राकांपा प्रमुख शरद पवार की अध्यक्षता में विपक्ष की संयुक्‍त प्रेस वार्ता में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर नायडू का समर्थन करते हुए पवार ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र खतरे में है, इस सरकार से जनता आजिज आ चुकी है। इससे छुटकारा पाने के लिए बैलट पेपर से चुनाव कराना ही पड़ेगा। लोग मौजूदा सरकार को बदलने के मूड में हैं, लेकिन मुख्य चिंता ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग पर धृतराष्ट्र की तरह आचरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप ईवीएम का कोई भी बटन दबाइए, वोट भाजपा को जाता है।  राष्ट्रीय विपक्षी दलों के नेताओं ने ऐसे समय में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया, जब महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में तीसरे चरण का मतदान जारी है। वहीं सुशील कुमार शिंदे और आप पार्टी के नेता संजय सिंह के साथ ही सभा में मौजूद अन्‍य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने चंद्रबाबू नायडू का समर्थन करते हुए ईवीएम और वीवीपीएटी को लेकर पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा।

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