यात्री भाड़ा को लेकर रिक्शा चालकों में मारपीट

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यात्री भाड़ा को लेकर रिक्शा चालकों में मारपीट
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वाहतूक विभाग के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत, शिकायत के बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से कोसों दूर

– NDI24 नेटवर्क
नालासोपारा. नालासोपारा पुलिस स्टेशन अंतर्गत यात्री भाड़ा को लेकर रिक्शा चालकों में मारपीट होने की घटना प्रकाश में आयी है| वाहतूक विभाग के पुलिस निरीक्षक के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ| पीड़ित रिक्शा चालक की शिकायत के बाद भी नालासोपारा पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गयी| पुलिस की इस रवैये से रिक्शा चालकों में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है|
ज्ञात हो कि पश्चिम स्थित एसटी डिपो के पास कई वर्षों से रिक्शा स्टैंड बनाया गया है| इस रिक्शा स्टैंड से चालकों द्वारा नंबर आने पर ही यात्रियों को अपने गंतव्य तक लेकर जाते है| गत दिनों पहले एसटी डिपो अधिकारी के सख्त आदेश के बाद एसटी प्रांगण में किसी भी प्राइवेट गाड़ियों को आने पर पाबंदी लगा दी गयी| पाबंदी के बाद ड्यूटी पर तैनात वाचमैन द्वारा किसी भी वाहन आने नहीं दिया जाता है| एसटी प्रांगण में रिक्शा के नहीं आने से यात्रियों को अब एसटी के बाहर रिक्शा पकड़ने के लिए जाना पड़ता है| इसी का फायदा उठाकर रनिंग में चलने वाले रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों को बैठाया लिया जाता है और रिक्शा स्टैंड पर लाईन आने का इंतजार करने वाले रिक्शा ड्राइवर यात्रियों का इंतजार करते ही रह जाते है| एक दिन की बात हो तो कोई भी नजरअंदाज कर सकता है, लेकिन रनिंग में चलने वाले अवैध रिक्शा ड्राइवरों का यात्रियों को इस तरह से बैठाने का प्रतिदिन का कार्य बन गया| और लाईन में खड़े अन्य रिक्शा ड्राइवरों के व्यवसाय पर इसका बुरा असर पड़ने लगा| लाईन के रिक्शा ड्राइवरों की ओर से इन्हे रोकने की कोशिश की गयी, लेकिन विरोधी रिक्शा चालकों की ओर से मारपीट की गयी| इस घटना में रिक्शा ड्राइवर को सिर और शरीर के अन्य भागों में चोटें भी आयी| फिर्यादी रिक्शा चालकों द्वारा नालासोपारा पश्चिम पुलिस स्टेशन में लिखित रूप से शिकायत की गयी, लेकिन पुलिस की ओर से मामले को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया| फिर्यादी और उसके साथी रिक्शा ड्राइवरों द्वारा आज पुन: पुलिस स्टेशन जाया गया| आरोपी रिक्शा ड्राइवरों की ओर से पुलिस स्टेशन के बाहर उनके ऊपर पत्थरबाजी भी की गयी| इसी बीच वाहतूक विभाग के पुलिस निरीक्षक संपतराव पाटिल की ओर से मामले में हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कराया गया| वाहतूक विभाग की ओर से वैध रिक्शा स्टैंड के साथ ही साथ सड़क के दूसरी ओर अवैध रिक्शा स्टैंड लगाने की बात कही गयी| सूत्रों के अनुसार रनिंग में चलने वाले अधिकांश रिक्शा अवैध रूप से चलाया जाता है, जिसकी संख्या वैध रिक्शा से भी अधिक बतायी जाती है, जिनका सीधा फायदा वाहतूक विभाग को जाता है| और इसके बदले में इनसे एक मोटी रकम भी वसूली जाती है|

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