गणेशोत्सव से पहले भरे जाएं गड्ढे

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गणेशोत्सव से पहले भरे जाएं गड्ढे
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सत्ताधारी शिवसेना सहित सभी दलों के नगरसेवकों ने प्रशासन को घेरा

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. गणेशोत्सव शुरू होने में बमुश्किल 10 दिन बचे हैं। दूसरी तरफ गड्ढों के कारण सड़कों की हालत खराब है। गड्ढों भरी सड़क पर कई जगह पैदल चलना भी मुश्किल है। सड़कों पर गड्ढों को लेकर सत्ताधारी शिवसेना सहित सभी दलों के नगरसेवकों ने स्थाई समिति की बैठक में हंगामा किया। सवालों की बौछार करते हुए नगरसेवकों ने बीएमसी प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। नाराज सदस्यों को शांत कराते हुए स्थाई समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने प्रशासन को निर्देश दिया कि गणेश उत्सव शुरू होने से पहले सड़कों के गड्ढे भरे जाएं।
समिति की बैठक में अंधेरी के छोटे रास्तों के कांक्रीटीकरण का प्रस्ताव लाया गया था। इस कांग्रेस नगरसेवक आसिफ जकरिया ने कहा कि बांद्रा में मानसून पूर्व बनाई गईं सड़कें बारिश के दौरान बह गईं। शहर की सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। इसके बाद शिवसेना नगरसेविका राजुल पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते सड़कों की हालत खस्ता है।

दूसरे दिन उखड़ जा रहे भरे गए गड्ढे

मनपा सदन में विपक्ष के नेता रवि राजा ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि आज भरा गया गड्ढा दूसरे दिन उखड़ जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुना कोल्ड मिक्स उपयोग किया गया। इसके बावजूद महानगर की सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। समाजवादी पार्टी नेता रईस शेख ने कहा कि वादे के बावजूद सड़कें दुरुस्त नहीं की गई हैं।  बड़ा सवाल यह कि गड्ढे भरी सड़कों पर गणपति आएंगे कैसे?

जाधव ने लगाई फटकार

स्थाई समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने सड़क विभाग के अधिकरियों को निर्देश दिया कि जहां भी सड़कों पर गड्ढे हैं, उन्हें तत्कार भरा जाए। उन्होंने यह कहते हुए प्रशासन को फटकार लगाई कि कोल्ड मिक्स पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं। जाधव ने कहा कि गड्ढे भरने से जुड़ी कोल्ड मिक्स तकनीक पर फिर से विचार करना होगा।

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सोशल मीडिया पर पर छह करोड़ खर्च करेगी मनपा
मनपा प्रशासन ने लोगों को मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ट्वीटर पर उपलब्ध कराने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल का फैसला किया है। इसके लिए निजी संस्था की मदद ली जाएगी। अगले तीन साल के दौरान बीएमसी इस पर छह करोड़ रुपए खर्च करेगी। प्रशासन की ओर से बुधवार को स्थाई समिति में यह प्रस्ताव पेश किया गया। सभी विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। विपक्षी नगरसेवकों ने तर्क दिया कि जब बीएमसी के पास अपनी आईटी सेल है तो यह काम निजी संस्था को क्या दिया जा रहा। सभी सदस्यों ने कहा कि यह जनता के पैसों का दुरुपयोग है। कोई सुविधा तो उपलब्ध नही कराई जा सिर्फ पैसों की बर्बादी की जा रही है। विपक्ष के विरोध को दरकिनार करते हुए स्थाई समिति में यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

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