इस विधि-विधान से करें पूजा, बरसेगी भोलेनाथ की कृपा…

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आप अपने किसी सगे-संबंधी, जीवनसाथी या बुजुर्ग का न करें अपमान
इस विधि-विधान से करें पूजा
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आप अपने किसी सगे-संबंधी, जीवनसाथी या बुजुर्ग का न करें अपमान

– NDI24 नेटवर्क

नई दिल्ली. देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए शिवरात्रि से बेहतर कोई दिन नहीं है। इस दिन अगर सच्चे मन और सही विधि-विधान से शिवजी की पूजा की जाए तो आप पर भोलेनाथ की कृपा बरसती है। भांग, धतूरा और बेलपत्र ऐसी ही चीजें हैं, जिनसे इस दिन शिवजी की पूजा करने का विधान है। इस दिन अगर शिवजी प्रसन्न होते हैं तो आपको मनचाहा वरदान देते हैं, लेकिन अगर सही ढंग से इस दिन भगवान शिव का पूजन न हो तो कृपा की जगह उनका कोप बरसता है। शिवपुराण में पूजन विधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है कि किस तरह भगवान शिव को प्रसन्न किया जाए और क्या करने से शिवजी आप से नाराज हो सकते हैं। शिवरात्रि पर चावल, दाल और गेहूं से बने खाद्य पदार्थों से दूर रहन के लिए कहा जाता है। ये भी कहा जाता है कि जो लोग शिवजी को प्रसन्न करने के लिए वृत रखते हैं उन्हें फल, दूध, चाय, कॉफी इत्यादि का सेवन करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि अगर आप अपने किसी सगे-संबंधी, जीवनसाथी या फिर किसी बुजुर्ग का अपमान करते हैं तो आपसे शिवजी नाराज हो सकते हैं। ऐसे में अगर भूल वश आप से किसी भी बुजुर्ग का अपमान हो जाए तो समय रहते अपने कृत्य के लिए माफी मांग लें।

इन फूलों को भगवान शिव को न करें अर्पित

शिवजी को अगर प्रसन्न करना है तो इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें। शिवजी का व्रत करते समय या उनकी पूजा-अर्चना करते समय काले वस्त्रों को धारण न करें। शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को ग्रहण नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से आपके यहां दुर्भाग्य का प्रवेश होता है और परिवार में गंभीर बीमारियां होने की संभावन हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार, मान्यता है कि कभी भी शिवलिंग पर तुलसी अर्पित नहीं करनी चाहिए। तुलसी को भगवान विष्णु के लिए अर्पित करने के लिए विशुद्ध माना गया है, लेकिन शिवलिंग पर इसे अर्पित करना वर्जित है। शिव को प्रसन्न करते वक्त अगर आपने हल्दी का इस्तेमाल किया है तो ये आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है। शास्त्रों के मुताबिक, मान्यता है कि शिवलिंग पुरुष तत्तव से संबंधित है, इस वजह से शिवलिंग पर हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। भगवान शिव को चंपा और केतकी के फूल अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव ने इन फूलों को शापित किया था, जिस वजह से इन फूलों का भोलेनाथ की पूजा में इस्तेमाल वर्जित है।

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