सबूतों के बाद भी पुलिस दर्ज नही कर रही FIR, नामजद संदिग्ध आरोपियों को क्यों बचा रही है बदलापुर पुलिस…

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लिखित शिकायत में बाद भी कार्रवाई में पुलिस कर रही मनमानी, केस को रफादफा करने का प्रयास
सबूतों के बाद भी पुलिस दर्ज नही कर रही FIR
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लिखित शिकायत में बाद भी कार्रवाई में पुलिस कर रही मनमानी, केस को रफादफा करने का प्रयास

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. मुंबई के समीप बदलापुर पश्चिम में पुलिस की मनमानी का यह आलम है कि जान-माल के खतरे जैसे केसों को भी एनसी लिखकर रफा-दफा करने की कोशिश धड़ल्ले से की जा रही है। बता दें कि 7 तारीख रात 10:15-10:30 के बीच बदलापुर पश्चिम के रहने वाले मधुसूदन तिवारी के घर पर फायरिंग जैसी आवाज सुनाई दी। जब घर के लोगों ने जाकर देखा तो शीशे में एक छेद बना था, अब वह होल एयर गन का था या गन का था, पता नही चला। सुबह जाकर तिवारी ने बदलापुर पश्चिम में शिकायत की तो पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन टालमटोल करती रही। अंत में तिवारी ने 8 तारीख रात में जाकर लिखित एप्लीकेशन दिया। पुलिस एनसीआर भी नहीं लेना चाहती थी, फिर तिवारी के विरोध के बाद एनसीआर तो दूर की, इसके अलावा पुलिस ने सुचारु रूप से घटना की जांच तक नहीं की।

बिल्डर धर्मराज समेत 19 लोगों की जांच प्रलंबित…

वहीं दूसरी ओर इस घटना के पहले ही तिवारी ने 20 लोगों पर मानहानि व षडयंत्र रचने का गुनाह दर्ज कराया है। यह गुनाह आईपीसी 500 कथा 120 बी के तहत दर्ज किया गया है। अभी भी इसकी जांच प्रलंबित है, दर्ज गुनाह में बिल्डर धर्मराज यादव समेत 19 लोग साजिश रचने और मानहानि करने के आरोप के तहत चिन्हित किए गए हैं। इसके पहले भी कई बार बिल्डर धर्मराज यादव और उसके कुछ सहयोगियों द्वारा तिवारी और उनके परिवार को अनेक तरीके से परेशान करने तथा झूठे केस में फंसाने की षड्यंत्र रचा जा चुका है।

कई लोगों के खिलाफ तिवारी लड़ रहे जंग…

विदित हो कि इस मामले में सुचारु रूप से जांच न कर संबंधित लोगों को बचाने का प्रयास हो रहा है। जबकि प्रथम दृष्टया यह घटना तिवारी तथा उनके परिवार को डराने और भयभीत करने के लिए की गई प्रतीत होती है। दरअसल, तिवारी ने अनियमित बिल्डिंग तथा रुड़की एंक्रोचमेंट समेत के मुद्दों को उठा रहे हैं, जिससे बिल्डर तथा कुछ सफेद पोश लोगों को हानि हो रही है। वहीं तिवारी ने पुलिस, स्थानीय राजनेताओं, बिल्डर माफिया, शिक्षा माफिया, भ्रष्ट नगरपालिका के अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ जंग छेड़ रखी है।

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