मानवीय मूल्यों और मानवीय संवेदना के खिलाफ है अश्लीलता, पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान में बोले पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह…

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मानवीय मूल्यों और मानवीय संवेदना के खिलाफ है अश्लीलता
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भोजपुरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में छाई अश्लीलता को बंद करने के लिए किया शंखनाद…

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. आप अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या सुनाना चाहेंगे? ‘चोली टाईट हो गईल…’  या ‘लॉलीपॉप लागे लू…’? आदि जैसे अश्लील गीतों ने औरतों को सिर्फ वस्तु बना कर रख दिया है और उसे वस्तु बनाना प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। बता दें कि ऐसा सवाल उठते ही पूरी सभा सन्न रह गयी, लेकिन जल्द ही बातचीत कर इस संकल्प में बदलने की पुरजोर कोशिश की जाएगी। साथ ही प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से मांग की जाएगी कि भोजपुरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में छाई अश्लीलता को रोकने के लिए महाराष्ट्र डांस बार एक्ट के तरह एक कड़ा कानून लाया जाये। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि अब चुप रहने का समय नहीं है, अश्लीलता मानवीय मूल्यों और मानवीय संवेदना के खिलाफ है। इसे रोकने के लिए सरकार और समाज दोनों को आगे आना होगा। पद्मश्री शोमा घोष ने कहा कि यौन कुंठा की अभिव्यक्ति हो रही है। महिलाओं पर नए सिरे से हमला किया जा रहा है और इन सबमें बच्चों का भी भविष्य खराब हो रहा है।

10 लाख से अधिक दस्तखत कराने में जुटी संस्था

बता दें कि नवजीवन हाई स्कूल, मालाड, मुंबई में यह सभा पूर्वांचल में आर्थिक-औद्योगिक विकास और उसमें जरूरी सांस्$कृतिक बदलाव लाने के काम में जुटी संस्था पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान ने बुलाई थी। संस्था मुख्यमंत्रियों को दिए जान वाले कड़ा कानून लाने के प्रतिवेदन पर पूर्वांचल में जनसभाएं आयोजित करके 10 लाख से अधिक दस्तखत कराने के काम में जुटी है। अगले तीन महीनों में 20 से अधिक जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। सेंसर बोर्ड से भी मांग की जा रही है कि भोजपुरी फिल्मों के सेंसर के नियम कड़े किए जाएं और इस तरह की फिल्में न पास की जाएं। वहीं सभा के अध्यक्ष पूर्व मंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा कि फूहड़ता की पराकाष्ठा हो गयी है। संस्कार खत्म हो रहे हैं। आंखों की शर्म खत्म हो रही है। एनसीपी माइनॉरिटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि अश्लीलता-फूहड़ता से पूरा समाज बदनाम हो रहा है। इसका समस्त जन-जीवन पर असर पड़ रहा है। पीढिय़ां बर्बाद हो रही हैं। पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान के सचिव पत्रकार ओम प्रकाश ने कहा कि दुनिया की सबसे मीठी बोली इन दिनों अश्लीलता का पर्याय बन गयी है।

कई महानुभावों ने रखी अपनी-अपनी राय…

इंडिया टीवी की सिनेमा एडिटर रहीं सरिता सिंह ने कहा कि भोजपुरी फिल्मों में जो कुछ हो रहा है, वह हर औरत को जलील करता है। जो लोग यू-ट्यूब या सोशल मीडिया पर ये वीडियोज देखते हैं, उन्हें लगता है कि शायद पूरब के लोग ऐसे ही होते होंगे। भाजपा नेता सुमिता सुमन सिंह ने कहा कि स्त्री-पुरुष संबंधों की जो धारणा बचपन में बन जाती है, वही स्थायी हो जाती है।  स्त्री के बारे में कौन सी धारणाएं बनवा रहे हैं हम सब? उत्तर क्षेत्रीय महिला मंच की उपाध्यक्ष सुनीता सिंह ने कहा कि महिलाओं का मानसिक शोषण हो रहा है। अधिवक्ता राकेश सिंह ने मांग की कि डांस बार अश्लीलतारोधी कानून जैसा कानून लाया जाए। भाजपा नेता आरयू सिंह ने कहा कि यह दिक्कत समाज के मौन रहने से आयी है। बोलेंगे तो सब बदलेगा। मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने कहा कि समाज इस बारे में अरसे से चिंतित था। अभिनेता कुणाल ने कहा कि अब हमारे चेतने का समय आ गया है। विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा कि गंगा क्षेत्र की संस्कृति से तो देश का मन-प्राण बनता है। इसके अलावा सभा में डॉ. दौलत सिंह पालीवाल, किलाचंद यादव, नगरसेवक मीरा यादव, पूर्व नगरसेवक गीता यादव, नगरसेवक विनोद मिश्र, श्रीकांत मिश्रा, जयकांत शुक्ल, उदय प्रताप सिंह, उद्योगपति कृष्णकांत पांडे समेत समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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