अब Whatsapp का आएगा नया फीचर, IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने Whatsapp को भेजा नोटिस…

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अफवाहों पर देश भर में हुई हत्याओं के बाद फेक न्यूज पर लगाम लगाने को लेकर आदेश
अब व्हाट्सअप का आएगा नया फीचर
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अफवाहों पर देश भर में हुई हत्याओं के बाद फेक न्यूज पर लगाम लगाने को लेकर आदेश

– NDI24 नेटवर्क
नई दिल्ली. देश में व्हाट्सएप पर फैल रही अफवाहों के कारण मॉब लिंचिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। पिछले चार महीनों में 29 मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आई हैं। बच्चा चोरी की अफवाहों ने सबसे ज्यादा लोगों की जाने ली हैं। इस पूरे मामले पर अब केंद्र सरकार हरकत में आई है। देश केने व्हाट्सएप को मंगलवार को नोटिस भेजा जिसके जवाब में व्हाट्सएप ने जल्द नया फीचर लाने का आश्वासन दिया है। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बतााया कि व्हाट्सएप को हमने एक नोटिस कल भेजा। लिंचिंग आदि की घटनाओं में व्हाट्सएप के जरिए पिछले दिनों काफी उकसावे का काम हुआ है। व्हाट्सएप को उत्तरदायी और सावधान रहना है।  उनको अपने प्लेटफ़ॉर्म के प्रति जिम्मेदार होना होगा। वो ये नहीं कह सकते कि हमने तो प्लेटफ़ॉर्म बना दिया हम क्या करें? व्हाट्सएप ने कैलिफ़ोर्निया से जवाब दिया है और हमें आश्वस्त किया है कि वो सावधानी के लिए नए फ़ीचर लाएंगे ताकि बिना पढ़े मेसेज फ़ारवर्डिंग को चेक किया जा सके और भड़काऊं मैसेज को रोका जा सके।

फेक मैसेज की होगी पहचान

इसके आगे उन्होंने कहा कि मैं व्हाट्सएप से गुज़ारिश करूँगा कि वो भारत में मेरे विभाग और गृह विभाग के साथ मिल कर विश्वास में ही काम करें। देश में बढ़ते फेक न्यूज के परिणाम पर व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप लोगों की सुरक्षा और उनके स्वतंत्र कम्यूनिकेशन का ख्याल रखता है। हम नहीं चाहते कि ये सर्विस घातक और नुकसान पहुंचाने वाले सर्विस के तौर पर इस्तेमाल किया जाए। ये एक ऐसा चैलेंज है जो कंपनी और समाज को संबोधित करना है। कंपनी ने आगे कहा कि जल्द ही ऐसी व्यवस्था होगी, जिसके तहत फेक मैसेज को पहचाना जा सकेगा।

एक साल में 31 मौत…

एक साल में अफवाहों ने 10 अलग-अलग राज्यों में 31 लोगों की जान ली है। इनमें से ज्यादातर जानें बच्चा चोरी की अफवाहों से गई हैं। सबसे ताजा मामला महाराष्ट्र के धुले का है। जहां रविवार को ही भीड़ ने पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इससे पहले असम के कार्बी में दो पर्यटकों को भीड़ के बच्चा चोर होने के शक में मार डाला था। पिछले तीन सालों में मॉब लिंचिंग यानी भीड़ के हत्यारी बनने की घटनाएं तेजी से सामने आई हैं। व्हाट्सएप पर फर्जी जानकारियां फैला कर लोगों को गलत सूचनाएं दी जा रही हैं। यहीं कारण है कि मैसेजिंग एप को सरकार आड़े हाथों ले रही है।
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