महापालिका के अस्पताल ने कर दिखाया कारनामा, देश में पहली बार बार हुआ दिल मे दो छेद का सफल ऑपरेशन…

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दुनिया भर में अभी तक हो सकीं हैं ऐसी सिर्फ पांच सर्जरी, बेहद जटिल और जोखिम भरा था ऑपेरशन
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दुनिया भर में अभी तक हो सकीं हैं ऐसी सिर्फ पांच सर्जरी, बेहद जटिल और जोखिम भरा था ऑपेरशन

– NDI24 नेटवर्क टीम

मुंबई. 7 वर्षीय इशिका के हृदय में जन्मजात दो छेद थे। इससे पहले इस तरह का ऑपरेशन भारत में पहली बार किया गया है और यह ऑपरेशन डॉक्टरों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। बीएमसी से सायन अस्पताल हृदय विभाग के प्राध्यापक डॉ. अजय महाजन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और एक सफलता पूर्ण ऑपरेशन कर दिखाया, जो भारत का पहला और दुनिया भर का पांचवां ऐसा ऑपरेशन है। वहीं खास बात यह है कि इस तरह के जटिल ऑपरेशन को महात्मा ज्योतिबा फुले योजना के तहत नि:शुल्क किया गया।

बगैर काटछांट के सफल ऑपरेशन…

ाज्य के भंडारा जिले के एक गांव पासलपापाणी गांव में रहने वाली इशिका को जन्म से ही उसके दिल में दो छेद (अ‍ॅट्रियल सेप्टल डिफेक्ट -एएसडी व पेटंट डक्टस अ‍ॅट्रियॉसिस -पीडीए) थे, जिसकी वजह से उसे बार-बार निमोनिया होता था। वजन भी दिन-प्रतिदिन घटता ही जा रहा था और गंभीर बीमारी की वजह से वह स्कूल भी नहीं जा सकी। इसकी वजह से डॉक्टर भी ऑपरेशन करने के लिए तैयार नहीं होते थे। भंडारा के डॉक्टरों ने साइन अस्पताल जाने की सलाह भी दी थी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से इशिका के परिवार वाले किसी भी निजी अस्पताल में इलाक करा पाने में असमर्थ थे। इसके बाद साइन अस्पताल के हृदय विभाग के प्राध्यापक डॉ. अजय महाजन ने इशिका के हृदय का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। यह ऑपरेशन काफी जोखिम भरा था। इसके बाद डॉक्टरों ने इशिका के पैरों की रक्त वाहिनी में तार डालकर हृदय तक पहुंचा कर दोनों छेद सफलतापूर्वक तरीके से बंद किए। वहीं इस प्रक्रिया के लिए बाकी हृदय विभाग के डॉक्टरों को भी तैयारी में रखा गया था।

वर्ष भर में 350 ऑपरेशन…

विदित हो कि भारत में इस प्रकार की यह पहली ही ऑपरेशन है। इसके पहले ताइवान के डॉक्टर एचसीएल और फूएफसी ने दो और डॉ. अथिक खान ने दो हृदय सर्जरी की हैं। डॉक्टर महाजन के अनुसार, बिना चीर-फाड़ के छेद बंद करने के अलग-अलग प्रकार के ऑपरेशन पहले 4 साल में 77 बार हुए हैं। सायन हॉस्पिटल में हर रोज दूर-दराज से करीब सौ हृदय रोगी ओपीडी में आते हैं। इसमें से छोटे बच्चे 30-35 तक होते हैं, जिनमें से 5-7 बच्चों के हर महीने हृदय का ऑपरेशन किया जाता है। वहीं वर्ष भर में कम से कम 350 ऑपरेशन अस्पताल में किए जाते हैं। 

टीम का मिला भरपूर सहयोग…

इस सफल ऑपरेशन के दौरान ऑपरेशन विभाग के प्रमुख डॉ. प्रताप नाथानी व सहागी प्राध्यापक डॉ. मिलिंद फड़के समेत डॉ. अभय तिडके का भरपूर सहयोग लिया गया। इस तरह का सफल ऑपरेशन भारत का पहली, जबकि दुनिया का पांचवा सफल ऑपरेशन रहा।

– डॉ. अजय महाजन, हृदय रोग विशेषज्ञ

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