पुश-पुल इंजन से मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्स. को मिलेगी रफ्तार

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पुश-पुल इंजन से मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्स. को मिलेगी रफ्तार
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इससे एक घंटा पहले पहुंच सकते हैं यात्री

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. वेस्टर्न रेलवे ने मुंबई से नई दिल्ली के बीच चलाई जानेवाली प्रतिष्ठित गाड़ी राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार बढ़ाने के लिए “पुश एंड पुल” इंजन के इस्तेमाल का फैसला किया है। इससे मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अभी के मुकाबले एक घंटा पहले गंतव्य तक पहुंचने में सक्षम होगी। अमूमन गाडिय़ों में इंजन आगे की तरफ होता है। पुश एंड पुल पद्धति में ट्रेन के दोनों तरफ यानी आगे-पीछे इंजन जोड़ा जाता है। इससे गाड़ी की गति बढ़ जाती है।
फिलहाल राजधानी एक्सप्रेस १३० किमी प्रति घंटे की गति से १५ घंटे ५० मिनट में आर्थिक राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच की १३८४ किमी दूरी तय करती है। राजधानी एक्सप्रेस में ६००० हॉर्सपावर का इंजन लगाया गया है। इसमें एक और इंजन जुडऩे के बाद क्षमता १२ हजार हॉर्सपावर की हो जाएगी। इससे गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है।

यात्रियों का बचेगा समय

पीछे और आगेे लगे इंजन से ट्रेन की स्पीड आसानी से बढ़ाई जा सकती है। इससे गाड़ी कम समय में गंतव्य तक पहुंचेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा। इतना ही नहीं ट्रेन की ब्रेकिंग सिस्टम भी पहले के मुकाबले बेहतर होगा। वेेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंदर भाकर ने बताया कि हमें सभी आवश्यक मंजूरी मिल गई है।

अगस्त क्रांति के लिए भी योजना

भाकर ने बताया कि फिलहाल पुश एंड पुल इंजन का इस्तेमाल कर हम देखेंगे कि इससे राजधानी एक्सप्रेस में कितना समय बचाया जा सकता है। इसके बाद इसे टाइमटेबल में शामिल करेंगे। बाद में यह प्रणाली दूसरी राजधानी -अगस्त क्रांति एक्सप्रेस में भी अपनाई जाएगी। यह ट्रेन मुंबई सेंट्रल-हजरत निजामुद्दीन के बीच चलती है। दो इंजन लगने से ट्रेन कम समय में स्टेशन से बाहर निकल जाएगी, जिससे प्लेटफार्म जल्दी खाली होंगे और दूसरी ट्रेनों को जगह मिलेगी।

विभिन्न उपायों पर विचार

रेलवे बोर्ड पिछले कुछ समय से मुंबई-नई दिल्ली के बीच यात्रा के समय में कटौती के लिए विभिन्न विकल्पों की कोशिश कर रहा है। इससे पहले मार्च, २०१९ में सेंट्रल रेलवे की सीएसएमटी से चल कर हजरत निजामुद्दीन जाने वाली राजधानी ट्रेन में पहली बार पुश-पुल इंजन से चलाई गई थी। मुंबई-नई दिल्ली मार्ग पर १६० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाडिय़ां चलाने की योजना पर भी रेलवे बोर्ड काम कर रहा है।

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