330 करोड़ की योजना के लाभार्थी जी रहे नारकीय जीवन

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330 करोड़ की योजना के लाभार्थी जी रहे नारकीय जीवन
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– NDI24 नेटवर्क

मीरा भायंदर. काशीमीरा जनता नगर में बसे 4,136 से अधिक झोपड़ों को तोड़ कर सुंदर घर बनाने का सपना दिखाने वाली बीएसयूपी योजना अब मीरा भायंदर का सबसे बड़ा घोटाला साबित होती नजर आ रही है। झोपड़ों पर बुलडोजर चलवाने वाली मीरा भायंदर मनपा ने इन परिवारों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।

योजना के तहत बनी इमारतें 14 मंजिला हैं। इनमी लगी सभी लिफ्ट बंद हैं। इसकी वजह से बुजुर्ग और बीमार लोग अपने घर जाने के लिए सीढिय़ां चढऩे को मजबूर हैं। इन इमारतों में कहने के लिए सात लिफ्ट हंै, जो सबकी सब बंद हैं। बुजुर्ग हों या जवान, महिलाएं हों या बच्चे सभी की एक ही पीड़ा है कि लिफ्ट बंद होने से उन्हें कितनी असुविधा हो रही है। परेशानी उन लोगों को ज्यादा होती है, जो चार मंजिल से ऊपर रहते हैं।

बिना ढक्कन की पानी टंकी

स्थानीय लोगों में मनपा के प्रति नाराजगी है। उनका कहना है कि अच्छे घर का सपना दिखा उनके झोपड़ों को तोड़ दिया। लेकिन, हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इन इमारतों में जिन टंकियों से पानी सप्लाई की जाती है, वे बिना ढक्कन की हैं।

गंदगी का साम्राज्य

इमारतों में गन्दगी का साम्राज्य है। स्थानीय लोगों में नेताओं के प्रति भी गुस्सा है। उनका कहना है कि चुनाव के समय उनसे कई वादे किए गए, जो अधूरे पड़े हैं। अब विधानसभा चुनाव है। इस बार वे किसी के झांसे में नहीं आएंगे। उल्लेखनीय है कि जिन लाभार्थियों ने अपने घरों को किराए पर दिया है, उनको खाली कराने का फरमान मनपा ने जारी किया है।
लिफ्ट मरम्मत का भरोसा भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने कहा कि इमारत में लिफ्ट लगाई गई, पर उसका इस्तेमाल ठीक तरीके से नहीं किया गया। इस कारण लिफ्ट खराब हो गईं। कई बार इनकी मरम्मत कराई गई है। शिकायत मिलेगी तो पुन: मरम्मत की जाएगी।

मनपा की जिम्मेदारी

पूर्व विधायक मुजफ्फर हुसैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पहले इस योजना के लिए मदद मुहैया कराती थीं। अब यह योजना बंद कर दी गई है। मीरा भायंदर में बनी इमारतों की हालत बदतर है। इसकी जिम्मेदारी मनपा प्रशासन की है। यहां रहने वाले सभी लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए।

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