राज्य की 355 तहसील में कुष्ठ रोग के 8.5 करोड़ लोगों का होगा इलाज, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत ने बताया 71,297 तैयार हैं खोज पथक…

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1 लाख 64 हजार 964 संदिग्ध मरीज हुए रोग मुक्त
राज्य की 355 तहसील में कुष्ठ रोग के 8.5 करोड़ लोगों का होगा इलाज
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1 लाख 64 हजार 964 संदिग्ध मरीज हुए रोग मुक्त

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. राष्ट्रीय कुष्ठरोग निर्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज से 9 अक्टूबर 2018 तक 35 जिले और 355 तहसीलों में कुष्ठरोग शोध मुहिम पर अमल किया गया, जिसके तहत 71 हजार 297 स्वास्थ्य खोज पथक के माध्यम से 14 दिनों में 8.5 करोड़ लोगों की चिकित्सा की जाएगी। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत ने सोमवार को दी। स्वास्थ्य मुहिम निर्मूलन के बारे में सावंत ने बताया कि 2017-18 में जहां कुष्ठ रोग बीमारी 0.80 प्रतिशत से अधिक थी, उन 22 जिलों में इस मुहिम को चलाया जा रहा है। अब तक इस मुहिम के तहत हर गांव में मूलतः वहां की ‘आशा’ कार्यकर्ती और एक पुरुष स्वयं सेवक का पथक बनाकर 4 करोड़ 59 लाख 29 हजार 661 लोगों की प्रत्यक्ष चिकित्सा की गई, जिसमें 1 लाख 64 हजार 964 संदिग्ध मरीजों को खोज कर उन पर विविध प्रकार के उपचार शुरू किए गए हैं।

रोग मुक्त कराना है मुहिम का लक्ष्य…

सावंत आगे बताते हैं कि 2016-17 में 16 तहसीलों में इसके तहत 4134 नए कुष्ठ रोगियों को खोजकर उनका उपचार कराकर उन्हें बीमारी से मुक्त किया गया। 2015-16 में 5 जिले इस मोहीम का आमल किया गया और 166 मरीजों पर उपचार किये गये। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुष्ठरोग निर्मूलन मोहीम का प्रगती योजना के अंतर्गत नाम दर्ज किया है। उसी के अनुरूप देश में विभिन्न संकल्प के द्वारा कुष्ठ रोगियों को खोजकर उन्हें इलाज करके बीमारी से मुक्त किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस मुहिम का लक्ष्य कुष्ठ रोगियों को खोजकर उन्हें इलाज के माध्यम से रोग मुक्त करना है।

इस तरह काम करेगी सरकार…

  • अपेक्षित लोगों की संख्या 8 करोड़ 62 लाख 65 हजार 437 है।
  • तहसील की संख्या 355 है।
  • मकानों की संख्या 1 करोड़ 72 लाख 53 हजार 87 है
  • आवश्यक खोज पथक की संख्या 71 हजार 297 है
  • सर्वेक्षण अवधि 14 दिन (24 सितंबर से 9 अक्टूबर 2018 ) की है।
  • खोज पथक में महिलाओं की चिकित्सा के लिए एक ‘आशा’ कार्यकर्ती व पुरुष के चिकित्सा के लिए एक स्वयं सेवक की जिम्मेदारी होगी।
  • घर के सभी सदस्यों की शारीरिक चिकित्सा की जाएगी।खोजे गए हर एक संदिग्ध मरीजों की चिकित्सा वैद्यकीय अधिकारी के द्वारा करके बीमारी का इलाज किया जाएगा।

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